शनिवार, २५ जुलै, २०२०

ख़र्च कर दिया ख़ुद को..

ख़र्च कर दिया ख़ुद को..

ख़र्च कर दिया ख़ुद को
फिर भी कुछ ना हाँसिल हुआ।
जैसे दुनिया इक कसीनो है
और ज़िन्दगी बन गई है जुआ।
--सुनील पवार..✍️
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