मंगळवार, २९ सप्टेंबर, २०२०

दिल को रोशन करके रखना.

 दिल को रोशन करके रखना..

दिल को रोशन करके रखना
ताकि उजियाला फैला रहे।
हर एक मन की गलियारों में
इंसानियत का दीपक जला रहे।
Good🌞Morning

खबर रखने वाले की

 खबर रखने वाले की..

खबर रखने वाले की
कभी तो खबर लेनी चाहिए।
अपने दिल के अखबारों में
कही तो छपनी चाहिए।
--सुनील पवार..

जीवन सुंदर आहे.

 जीवन सुंदर आहे..

जीवन सुंदर आहे
ते नित्य पाण्यासारखे वाहते।
कर्माची नाव त्यावरून
सुखदुःखाचा किनारा गाठते।
सुप्रभात🌞शुभ सकाळ
--सुनील पवार..

फिर भी

 फिर भी..

मुझको अँधेरे में रखा कोई बात नही।
फिर भी कोई बात तुम छुपा ना पाई।
--सुनील पवार..

बेहतर भविष्य के लिए

 बेहतर भविष्य के लिए..

उन्होंने कहा
बेहतर भविष्य के लिए
कुछ संकल्प करना चाहिए।
हमने कहा
बात तो ठीक है मगर
उसके लिए
वर्तमान भी बेहतर होना चाहिए।
--स्वच्छंद..

प्यार वो फूल है

 प्यार वो फूल है..

प्यार वो फुल है
जो कभी मुरझाता नहीं।
जो मुरझा जाए
वो प्यार कभी होता नहीं।
--सुनील पवार..

शाल हिरवी भू-वरची.

 शाल हिरवी भू-वरची..

शाल हिरवी भू-वरची
किती लांब लांब पसरली।
पावसाच्या प्रेमात नाहली
वाऱ्याच्या डौलात लहरली।
--स्वच्छंद..✍️


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यह छोटासा जीवन

 यह छोटासा जीवन..

यह छोटासा जीवन
फूलों की तरह रहे।
मुरझा भी जाए अगर
तो भी महकता रहे।
सुनिल पवार..

शनिवार, २६ सप्टेंबर, २०२०

पाना खोना लगा रहेगा

 पाना खोना लगा रहेगा..

पाना खोना लगा रहेगा
ज़िंदगी का रोना लगा रहेगा।
चुराकर नींद आँखों की
उनका सोना लगा रहेगा।
--सुनील पवार..✍️

स्वप्नांची धूसर वाट

स्वप्नांची धूसर वाट..

स्वप्नांची धूसर वाट
निघून जाईल होईल पहाट।
आशेच्या एका किरणने
उडून जाईल धुके घनदाट।
सुप्रभात🌞शुभ सकाळ
--सुनील पवार..✍️

तो यक़ीनन मिल जाएगी

 तो यक़ीनन मिल जाएगी..

तुम्हारी कमी है
ये बात बिल्कुल सच है मगर
थोड़ा भी हो उजाला
तो यक़ीनन मिल जाएगी डगर।
--सुनील पवार..✍️

कुछ भी तो नही बदला हममें

 कुछ भी तो नही बदला हममें..

कुछ भी तो नहीं बदला हममें
मगर बदल गए हालात।
कम होती गई बातें
अब होती नही मुलाकात।
--सुनील पवार..✍️

पहले ख़ुद को बदलो

 पहले ख़ुद को बदलो..

पहले ख़ुद को बदलो
फिर औरों से उम्मीद रखो।
बदल सृष्टि का नियम है
इस बात को ध्यान में रखो।
Good🌞Morning
--सुनील पवार..✍️

रविवार, २० सप्टेंबर, २०२०

जरा एडजस्ट कर लेते है

 जरा एडजस्ट कर लेते है..

जरा एडजस्ट कर लेते है
ज़िंदगी को जगह देते है।
थम सी गई है ज़िंदगी फिर भी
जीने को कुछ वज़ह देते है।
--सुनील पवार..✍️

शनिवार, १९ सप्टेंबर, २०२०

रूह में शामिल है मेरी..

 रूह में शामिल है मेरी..

रूह में शामिल है मेरी
ताज़गी का अहसास है।
तू ही ज़न्नत मेरी कुदरत
तुज़से जुड़ी हर सास है।
--सुनील पवार..✍️

बता नहीं सके..

 बता नहीं सके..

बता नहीं सके जता नही सके
फ़ासले वो नहीं थे जो तुमने देखे।
--सुनील पवार..✍️

दिल ख़ाली ख़ाली क्यूँ है

 दिल ख़ाली ख़ाली क्यूँ है

दिल ख़ाली ख़ाली क्यूँ है
ये तन्हाई का अहसास क्यूँ है।
कितने तारे है आसमाँ में
चाँद फिर तू अकेला क्यूँ है।
--सुनील पवार..✍️

ज़रा हम ही बदल जाएँ..

 ज़रा हम ही बदल जाएँ..

ज़रा हम ही बदल जाएँ
तो शायद तस्वीर अच्छी आ जाए।
चेहरें में वो बात नही
अब मन को मेकअप किया जाएँ।
--सुनील पवार..✍️

तरीही का?

 तरीही का?

तुझ्या नंतर कोणी नसणार
तुझ्या आधीही कोणी नव्हते।
तू आहेस आताही सोबत
तरीही का एकटे एकटे वाटते।
--सुनील पवार..✍️

अपने सूरज को जगाओ..

 अपने सूरज को जगाओ..

अपने सूरज को जगाओ
रोशनी जहाँ में फैलाओ।
इंसान के मन में बसे रहो
अगर कभी ढल भी जाओ।
--सुनील पावर..✍🏼

शब्द अपुरे पडले..

 शब्द अपुरे पडले..

शब्द अपुरे पडले तरी
शब्दावाचून ना अडले।
हे मौन सूचक तुझे
सारे कथन करून गेले।
--सुनील पवार..✍️

हम ही चले जाते है..

 हम ही चले जाते है..

हम ही चले जाते है
तुम रहना अपने भ्रम के साथ।
किसी भी भ्रम हाथ
छूट जाता है ढ़लती उम्र के साथ।
--सुनील पवार..✍️

अपनी अपनी मंज़िले..

 अपनी अपनी मंज़िले..

अपनी अपनी मंज़िले
और अपने अपने रास्ते।
कही अपने लिए होते
तो कही किसी के वास्ते।
--सुनील पवार..✍️

शाम धीरे धीरे गुज़र..

 शाम धीरे धीरे गुज़र..

शाम धीरे धीरे गुजर
ये लम्हा ना जाए दूर।
आसमाँ के चेहरेपर
खिला है रंगों का नूर।
--सुनील पवार..✍️

रात सितारें और मैं..

 रात सितारें और मैं..

रात सितारें और मैं ख़ामोशी में खोए है..
चाँद की चाहत में सपनों के मोती पिरोए है।
--सुनील पवार..✍️

आपण का जगतो..?

 आपण का जगतो..?

आपण का जगतो? हा प्रश्न जेव्हा पडतो
तेव्हा वाटते की आयुष्य सारे निरर्थक गेले।
पण जेव्हा कुणा मुखी आपल्यामुळे हास्य उमलते
तेव्हा वाटते की खरोखर जगण्याचे सार्थक झाले।
Good🌞Morning
--सुनील पवार..✍️

बस इतनी गुज़ारिश है..

 बस इतनी गुज़ारिश है..

हाथों में तेरा हाथ रहे
यहीं दिल की ख़्वाईश है।
किस्मत के लकीरों से
बस इतनी गुज़ारिश है।
--सुनील पवार..✍️

लिख कर देखो..

 लिख कर देखो..

लिख कर देखो
कभी अपने दिल की वह बात।
हमारी छोड़ो
कभी खुद से कर लो मुलाकात।
--सुनिल पवार..✍️

मंगळवार, १ सप्टेंबर, २०२०

गंध अक्षरांचा

 गंध अक्षरांचा..

गंध अक्षरांचा कळेल जेव्हा
अर्थ शब्दांना मिळतील तेव्हा।
भावनांचे मोहोळ उठतील जेव्हा
डंख कवितेचे छळतील तेव्हा।
--सुनील पवार..✍️

चाहते तो सब हैं

 चाहते तो सब हैं..

चाहते तो सब हैं
पर चाहने से क्या होगा।
असर वही करेगा
जो दिल से निकलेगा।
सुनील पवार..✍️

कोण मनात माझ्या..

 कोण मनात माझ्या..

कोण मनात माझ्या
काय सांगू कोणाला।
एक कवडसा डोकावतो
मनात क्षणाक्षणाला।
--सुनील पवार..✍️

ख़र्च कर दिया ख़ुद को..

 ख़र्च कर दिया ख़ुद को..

ख़र्च कर दिया ख़ुद को फिर भी
कुछ हाँसिल हुआ ना ज़िंदगी में।
शायद बाज़ार की लतख़ोरी
अब दाख़िल हुई है रिश्तों में।
--सुनील पवार..✍️

शाम का इशारा हैं..

 शाम का इशारा हैं..

शाम का इशारा है
और चाय का सहारा है।
इक तेरी कमी है
बाकी रंगीन नज़ारा है।
--सुनील पवार..✍️

जीवन का अफ़सना लिख..

 जीवन का अफ़सना लिख..

जीवन का अफ़साना लिख
ज़िंदगी के गीत तू लिख।
संगीत में सँजोग दे उन्हें भी
जो ज़माने से मिले सिख।
--सुनील पवार..✍️
🌺Good🌞Morning🌺