तुम्हारे कहने से..
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मंगळवार, २२ नोव्हेंबर, २०२२
सोमवार, ४ जानेवारी, २०२१
मन बड़ा चंचल है
मन बड़ा चंचल है..
प्यास नहीं बुझती मन की
मन बड़ा चंचल है।
आस उनसे लगाता है
जो आँखों से ओझल है।
--सुनील पवार..
घरटे सोडून जाताना
घरटे सोडून जाताना..
घरटे सोडून जाताना
ना पाखरांनी वळून पाहिले।
हिरव्या आठवणींस कवटाळून
झाड एकाकी मागे राहिले।
--सुनील पवार..
तेरे पास ही थे हम
तेरे पास ही थे हम..
तेरे पास ही थे हम
पर तुम देख नही पाई।
तू ने जो कि थी
शायद वो मोहब्बत नही।
--सुनील पवार..
शनिवार, १९ सप्टेंबर, २०२०
दिल ख़ाली ख़ाली क्यूँ है
दिल ख़ाली ख़ाली क्यूँ है
दिल ख़ाली ख़ाली क्यूँ है
ये तन्हाई का अहसास क्यूँ है।
कितने तारे है आसमाँ में
चाँद फिर तू अकेला क्यूँ है।
--सुनील पवार..
तरीही का?
तरीही का?
तुझ्या नंतर कोणी नसणार
तुझ्या आधीही कोणी नव्हते।
तू आहेस आताही सोबत
तरीही का एकटे एकटे वाटते।
--सुनील पवार..
गुरुवार, २० ऑगस्ट, २०२०
इरादा तो नहीं था..
इरादा तो नहीं था..
इरादा तो नहीं था कुछ भी जताने का
पर शीशे के दिल था चकनाचूर हो गया।
--सुनील पवार..✍️
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तन्हा सफर..
तन्हा सफर..
तन्हा सफर ही सही
अपने ख़यालो में गुजरता हु।
हकीकत में ना सही
उसे ख्वाबों में पा लेता हूं।
--सुनील पवार..✍️
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प्रसन्नतेचे दान..
प्रसन्नतेचे दान..
इवल्या फुलांचा सडा अंगणात पडतो..
पहाटेवर तयांचा नकळत जीव जडतो..
किरणांची दाटी सोहळा पाहण्यास उतरते
प्रसन्नतेचे दान सहज ओंजळीत पडते..!!
🌺सुप्रभात🌞शुभ सकाळ🌺
--सुनील पवार..✍️
कौन नही चाहता..
कौन नही चाहता..
4भारत जगताप, Pratiksha Kurhade and 2 others
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गुरुवार, ३० जुलै, २०२०
कैसी ये उदासी है..
कैसी ये उदासी है..
कैसी ये उदासी है
क्या रंगों पर छाई है?
क्या वजह हो गई
तस्बीर में नजर आई।
--सुनील पवार..
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सोमवार, २७ जुलै, २०२०
मिल न सके..
मिल न सके..
मिल न सके
हमारे ख़यालात कभी
ना मिले सके
तुम दिल से कभी।
घड़ी के कांटो की तरह
था मिलना हमारा
बारह बजे थे तब
हम मिले थे जब भी।
--सुनील पवार..
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दो किनारों की तरह..
दो किनारों की तरह..
दो किनारों की तरह हाल है ज़िन्दगी का..
दूरियां बनी हुई है मगर दोष नही किसी का।
--सुनील पवार..
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