तुम्हारी तरह..
तुम्हारी तरह ही
मुझे नींद आती नही।
मगर
हम दोनों में फर्क इतना है की
मैं अकेला
और तुम्हारे इर्दगिर्द
सितारे है कईं।
--सुनील पवार..
तुम्हारी तरह..
तुम्हारी तरह ही
मुझे नींद आती नही।
मगर
हम दोनों में फर्क इतना है की
मैं अकेला
और तुम्हारे इर्दगिर्द
सितारे है कईं।
--सुनील पवार..
कभी यूँ ही नही..
कभी यूँ ही नही
बार बार किसी की याद आती है।
ये वो डोर है
जो पतंग को खींचकर लाती है।
--सुनील पवार..
--सुनील पवार....
तुम यूँ ही..
ले डूबा हमें..
मी शोधतोय उत्तर..
चाय के बहाने..
तुम वो एहसास हो..
तुम्हारा ख़याल जैसे..
सुनता कहाँ है वो..
आप कहें तो..
प्यार वो फूल है..
कुछ भी तो नही बदला हममें..
शब्द अपुरे पडले..
बस इतनी गुज़ारिश है..
कोण मनात माझ्या..
आज तो..
आज तो वक़्त ही वक़्त है
तुम कहो तो साथ गुजार लेते है।
कितना लंबा समय गुजर गया
हम कब से इंतज़ार कर रहे है।
--सुनील पवार..✍️
इरादा तो नहीं था..
इरादा तो नहीं था कुछ भी जताने का
पर शीशे के दिल था चकनाचूर हो गया।
--सुनील पवार..✍️
तन्हा सफर..
तन्हा सफर ही सही
अपने ख़यालो में गुजरता हु।
हकीकत में ना सही
उसे ख्वाबों में पा लेता हूं।
--सुनील पवार..✍️