शुक्रवार, २४ जुलै, २०२०

मेरे अंदर बाहर

मेरे अंदर
ग़मो का मेला लगा हुआ है।
मेरे बाहर
फिर भी चेहरा खिला हुआ है।
--सुनील पवार..✍️
564
People Reached
32
Engagements
22
2 Comments
1 Share
Like
Comment
Share

कोणत्याही टिप्पण्‍या नाहीत:

टिप्पणी पोस्ट करा