चारोळी चकोर
गुरुवार, ६ ऑगस्ट, २०२०
चुपचाप गुज़र जाना..
चुपचाप गुज़र जाना..
चुपचाप गुज़र जाना
यहाँ फ़रियाद कोई सुनेगा नही।
बहरों की इस बस्ती में
आवाज का कुछ मतलब नही।
--सुनील पवार..
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