चारोळी चकोर
गुरुवार, २३ मे, २०१९
ऐ दिल..
ऐ दिल..
अपनी उम्मीद का दिया यू ही जलाये रखना ऐ दिल
क्या पता किसी भूले भटके को राह नजर आए।
--सुनिल पवार...
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खिलौना..
खिलौना..
क्या करूँ ऐसा जो उनका दिल बहल जाए..
खिलौना भी बन जाऊं गर वह खेलना चाहे।
--सुनिल पवार..
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ज़िन्दगी..
ज़िन्दगी..
सब कहते है ज़िन्दगी से दोस्ती कर लो
लो हमने आप से दोस्ती कर ली..!!
--सुनिल पवार..
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आईनें से डर गए तुम..
आईनें से डर गए तुम..
ऐसा काम कर गए तुम
आईनें से डर गए तुम।
क्या है पहचान तुम्हारी
खुद में जो हो गए गुम।
--सुनिल पवार..
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अब कोई ख़्वाईश नही..
अब कोई ख़्वाईश नही..
दिल से दिल की अब आज़माईश नही
तुम जो मिल गए अब कोई ख़्वाईश नही।
तुम अपनी तरफ से संभाल कर रख लो
हाथ अपना छूटने की कोई गुंजाईश नही।
--सुनिल पवार...
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धूप के सफर में...
इस धूप के सफर में
तुम अकेली छाँव हो माँ।
जहा शीश झुकें मेरा
वहाँ तुम्हारा पाँव हो माँ।
--सुनिल पवार..
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सामावले..
सामावले..
तू माझी की मी तुझा?
हे प्रश्नच आता नाही उरले..
एकरूपतेच्या कसोटीवर
देह देही असे सामावले..!!
--सुनिल पवार...
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