गुरुवार, २३ जुलै, २०२०

किस बात की सज़ा है ये..

किस बात की सज़ा है ये..

किस बात की सज़ा है ये
शायद उसकी रज़ा है ये।
हैरत नहीं की लोग बदल गए
वैसे भी रंग बदलती फ़िजा है ये।
--सुनील पवार..✍️
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सफ़र जारी रखो..

सफ़र जारी रखो..
सफर जारी रखो
चाहे पत्थरीली राह हो।
मंज़िल उसी को हाँसिल होगी
जिसके मन मे चाह हो।
--सुनील पवार..✍️
*सुप्रभात...🌞*
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उम्मीद की रोशनी..

उम्मीद की रोशनी..

उम्मीद की रोशनी फैलती है चारों ओर
फिर भी क्यों भागते हो तुम उससे दूरदूर।
यहीं रोशनी जो अँधेरे में राह दिखाती है
कुछ पाने की उम्मीद दिल में बनी रहती है।
🌼Good🌞Morning🌼
--सुनील पवार..✍️
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ओढ...

ओढ...
तुझ्या भेटीची ओढ मनी
नित्य नव्याने वाढत जाते।
मार्गात अनंत काटे जरी
त्यातूनही वाट काढत जाते।
--सुनिल पवार..✍️
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सबको अपना ग़म प्यारा..

सबको अपना ग़म प्यारा..

सबको अपना ग़म प्यारा
दुनिया से लगता न्यारा।
चाहे अमीर हो या गरीब
हर कोई है ग़म का मारा।
--सुनील पवार..✍️
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