गुरुवार, २० ऑगस्ट, २०२०

कोशिश बेकार हैं..

 कोशिश बेकार हैं..


ज़ख्म सिलते नहीं 

या भरते नहीं 

ये तो नहीं कहूँगा।

पर कोशिश बेकार हैं 

ना करो 

निशान पीछे रह जाएगा।

--सुनील पवार..✍️

लम्हा..

 लम्हा..


तेरे साथ गुज़ारा लम्हा

याद रहेगा हमेशा।

पर अब वो दिन न आएंगे

इसका भी है अन्देशा।

--सुनील पवार..✍️

तुम्हें अपनी पड़ी हैं..

 तुम्हें अपनी पड़ी हैं..


तुम्हें अपनी पड़ी हैं और हमें तुम्हारी..

न जाने कब होगी एक सोच हमारी।

--सुनील पवार..✍️

बेरंग..

 बेरंग..


रंगाचा बेरंग करणे 

कोणी तुझ्याकडून शिकावे..

तरीही नकळे का वाटते

की आपले नाते कायम टिकावे..!!

--सुनील पवार..✍️

हँसते चेहरों के पीछे..

 हँसते चेहरों के पीछे..


हँसते चेहरों से हैं ज़िन्दगी

पर मौका कहाँ मिलता हैं।

हर एक हँसते चेहरे के पीछे

अक्सर धोका छूपा होता हैं।

--सुनील पवार..✍️

माणसं ओळखायला शिका..

 माणसं ओळखायला शिका..


माणसं ओळखायला शिकणे

हेच जीवनाचं मर्म आहे..

चेहऱ्यावरचे चेहरे शोधणे

तितकंच कठीण कर्म आहे..!!


🌻सुप्रभात☀️शुभ सकाळ🌻

--सुनील पवार..✍️

तरस गए हम..

 तरस गए हम..


तरस गए हम पर नजर ना आई

उम्मीद की एक किरण।

दिल में जला दिया भी बुझ गया 

ना समझ आया कोई कारण।

--सुनील पवार..✍️