भिंत मनाची..
भिंत मनाची अस्ताव्यस्त
आता सावरायला हवी।
जळमटे मनाची साफ करून
नव्याने रंगवायला हवी।
--सुनील पवार..
भिंत मनाची..
भिंत मनाची अस्ताव्यस्त
आता सावरायला हवी।
जळमटे मनाची साफ करून
नव्याने रंगवायला हवी।
--सुनील पवार..
न जाने क्यों..
न जाने क्यों
आये दिन मौसम बदलते रहते हैं
अपना कहकर
लोग पल में पराये कर देते हैं।
--सुनील पवार..
कभी यूँ ही नही..
कभी यूँ ही नही
बार बार किसी की याद आती है।
ये वो डोर है
जो पतंग को खींचकर लाती है।
--सुनील पवार..
सदा बेहतर होता है..
सदा बेहतर होता है
समझौता कर लेना।
वरना कठिन होता है
रिश्तों को सँभालना।
--सुनील पवार..
पुरुष..
न समजलेला तो
ना समजणार कधी कोणाला।
हीच अगतिकता त्याची
नाही आवाज त्याच्या रुदनाला।
--सुनील पवार..
कुछ छूट रहा है..
कुछ छूट रहा है
क्या इसका अंदेशा है तुम्हें?
सबकुछ साथ तो ले लिया
पर तुम भूल गए हमें।
--सुनील पवार..✍️
--सुनील पवार....