शनिवार, २७ एप्रिल, २०१९

वादे का दावा..

वादे का दावा..
हर उजाले के पीछे घना अंधेरा होता है
मन के आसपास चंचलता का घेरा होता है..
जहा अपनी ही छाया का साथ छूट जाता है
वहा वादे का दावा भी अक्सर टूट जाता है..!!
***सुनिल पवार...✍️

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